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हिंदी के प्रमुख संधि विच्छेद
- पवित्र में प्रयुक्त संधि का नाम – (अ) गुण संधि (ब) आयादी संधि (स) व्यजन संधि (द) यण संधि0
- कपिश में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) व्यंजन संधि (ब) यण संधि (स) गुण संधि (द) दीर्घ संधि
- संधि कितने प्रकार की होती है - (अ) 2 (ब) 3 (स) 4 (द) 5
- दिगम्बर में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) व्यंजन संधि (ब) यण संधि (स) गुण संधि (द) आयादी संधि
- चंद्रोदय में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) आयादी संधि (ब) यण संधि (स) गुण संधि (द) व्यंजन संध
- यशोदा में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) आयादी संधि (ब) यण संधि (स) गुण संधि (द) विसर्ग संधि
- अभुद्य में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) गुण संधि (ब) यण संधि (स) (द) आयादी संधि
- महोदय में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) गुण संधि (ब) व्यंजन संधि (स) यण संधि (द) आयादी संधि
- “यथार्थ” में प्रयुक्त संधि का नाम - (अ) गुण संधि (ब) दीर्घ संधि (स) आयादी संधि (द) यण संधि
- “नमस्ते” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) नम+सते (ब) नम्+सते (स) नम:+स्ते (द) नम:+ते
- “संतोष” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) सम्+तोष (ब) सम+तोष (स) सम:+तोष (द) सम+तोस
- “राकेश” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) राके+श (ब) राका+श (स) राके+ईश (द) राका+ईश
- “उज्ज्वल” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) उज्ज+वल (ब) उत्+ज्वल (स) उज्ज+ज्वल (द) उत्+वल
- “सत्याग्रह” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) सत्य+ग्रह (ब) सत्+आग्रह (स) सत्य+आग्रह (द) सत+आग्रह
- “अत्याचार” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) अति+आचार (ब) अति+चार (स) इति+आचार (द) अति+चार्
- “पवन” का सही संधि-विच्छेद है - (अ) पव+अन (ब) पो+वन (स) पू+अन (द) पो+अन
- कल्पना काव्य का कोन सा पक्ष है - (अ) भाव पक्ष (ब) बोध पक्ष (स) रमण पक्ष (द) अलंकार पक्ष
- वापसी किस विधा मे रचित है - (अ) आत्मकथा (ब) संस्मरण (स) यात्रा (द) कहानी
- सूरदास के गुरु कोन थे - (अ) रामानद (ब) रामदास (स) कबीरदास (द) भल्लभाचार्य
- भूसन किस रस के कवि थे - (अ) वीर रस (ब) करुण रस (स) श्रृंगार रस (द) रोद्र रस
- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है - (अ) अब्दुल रहमान (ब) सर हप्पा (स) सवयंभू (द) तुलसीदास
- रामचरितमानस में कितने कांड है -(अ) 4 (ब) 5 (स) 7 (द) 8
- दिनकर किस रस के कवि माने जाते है - (अ) वीर रस (ब) करुण रस (स) श्रृंगार रस (द) रोद्र रस
- निराला को केसा कवि माना जाता है - (अ) अवसरवादी (ब) पलायनवादी (स) भाग्यवादी (द) क्रांतिकारी
- किस काल को स्वर्ण काल कहा जाता है - (अ) आदिकाल (ब) भक्तिकाल (स) रीतिकाल (द) आधुनिककाल
- बिहारी किस राजा के दरबारी कवि थे - (अ) महाराणा प्रताप (ब) शिवाजी (स) तेज सिंह (द) जय सिंह
- ईदगाह के रचनाकार कोन थे - (अ) जायसी (ब) प्रेमचन्द (स) कबीरदास (द) सूरदास
- साखी किसकी रचना है - (अ) रसखान (ब) कबीरदास (स) बिहारी (द) सूरदास
- इनमे से कोन भक्तिकाल का कवि नहीं है - (अ) आमिर खुसरो (ब) रसखान (स) नन्ददास (द) नाभादास
- बिहारी ने क्या लिखे - (अ) पद (ब) दोहे (स) चोपाई (द) कविता
- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना थी - (अ) आदिकाल (ब) भक्तिकाल (स) आधुनिककाल (द) रीतिकाल
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